लखनऊ, बीते मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के बाहर रहने के कारण भले ही कैबिनेट की बैठक नहीं हो सकी, लेकिन आज होने वाली बैठक में 20 प्रस्तावों पर मुहर लग गई। इनमें बेसिक शिक्षा के सभी निदेशालय को एक छतरी के नीचे लाने का प्रस्ताव काफी अहम है।
लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने कैबिनेट की बैठक में उप निदेशक सेवायोजन के पद पर कार्यरत राजीव कुमार यादव को अनुशासनहीनता के मामले में निलंबित करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के सभी निदेशालय को एक छतरी में लाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। सभी निदेशक अब महानिदेशक के अधीन रहेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में संपन्न कैबिनेट की बैठक में कुल 20 प्रस्तावों को मंज़ूरी मिली।
1- यूपी दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम में संशोधन किया गया है। दुकान, होटल या अन्य प्रतिष्ठान के पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव हुआ है। फीस दोगुनी कर दी गई है। एक बार पंजीकरण कर बाद दुबारा नहीं करना होगा।
2- उपनिदेशक सेवायोजन राजीव यादव को फेसबुक पर सरकार की आलोचना का दोषी पाया गया है। 2 जुलाई 2018 को इनके खिलाफ जांच शुरू की गई थी। विशेष सचिव श्रम को जांच अधिकारी बनाया गया था। 5 जुलाई को निलंबित किया गया था। लोक सेवा आयोग ने तय दंड को स्वीकार नहीं किया । इसको कैबिनेट से अस्वीकार करते हुए उन्हें उनके मूल पद क्षेत्रीय सेवा योजन अधिकारी के पद पर डिमोट करने पर मुहर लगा दी।
3- जौनपुर मेडिकल कॉलेज के लिये सोसाइटी गठन को मंजूरी। अब तक 45 पदों का सृजन किया जा चुका है। पदों पर भर्ती में आयोगों में डेढ़ से दो साल तक समय लगता है। अक्सर चयनित फैकल्टी छोटे शहरों में नहीं जाना चाहते। इसलिये फैकल्टी और नॉन फैकल्टी का चयन सोसाइटी ही करेगी। अगस्त 2020 तक यहां प्रवेश शुरू करेंगे। दवाओं की खरीद आदि के लिये शासन की अनुमति पर निर्भर नहीं रहना होगा।