क्रिकेट / सचिन की बीसीसीआई अध्यक्ष गांगुली को सलाह, दिलीप ट्रॉफी के फॉर्मेट में बदलाव करें

खेल डेस्क. सचिन तेंदुलकर ने रविवार को होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) से पहले अध्यक्ष सौरव गांगुली को सलाह दी है। उन्होंने दिलीप ट्रॉफी के फॉर्मेट में बदलाव की मांग की है। सचिन ने कहा कि इस टूर्नामेंट में खिलाड़ी टीम से ज्यादा खुद के प्रदर्शन पर ध्यान देते हैं। ऐसे में गांगुली को इसे देखना चाहिए। 


पूर्व कप्तान के मुताबिक, इसमें खिलाड़ी टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी नहीं करते। उनका ध्यान आगे होने वाले टूर्नामेंट पर होता है। फिर आईपीएल की नीलामी हो या कोई वनडे सीरीज। वे उसके मुताबिक ही खेलते हैं। मैं इसे बदलते देखना चाहता हूं, क्योंकि क्रिकेट हमेशा से ही टीम गेम रहा है।  


सचिन ने कहा- रणजी ट्रॉफी के बाद इसे खेला जाए


तेंदुलकर ने सुझाव दिया कि, "इसे रणजी ट्रॉफी फाइनल के ठीक बाद खेला जाना चाहिए। और उन 4 टीमों के बीच मुकाबला होना चाहिए जो सेमीफाइनल तक पहुंचीं हैं। इसके अलावा अंडर-19 और अंडर-23 की दो टीमों को भी इसमें शामिल करना चाहिए। इससे घरेलू क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अभी इंडिया ब्लू, इंडिया रेड और ग्रीन के बीच राउंड रॉबिन फॉर्मेट के आधार पर यह टूर्नामेंट खेला जाता है। इसमें हर टीम, टूर्नामेंट में शामिल दूसरी टीम के खिलाफ मैच खेलती है। पहले इसमें पांच टीमें हिस्सा लेती थीं।"


गांगुली ने ही दिलीप ट्रॉफी में पिंक बॉल की शुरुआत की थी


2015-16 में बीसीसीआई की तकनीकी समिति का चेयरमैन रहते गांगुली ने ही दिलीप ट्रॉफी में पिंक बॉल का इस्तेमाल शुरू किया था। अगले 3 साल तक घरेलू क्रिकेट फ्लड लाइट में खेला गया। इससे खिलाड़ियों को भी इस गेंद से डे-नाइट क्रिकेट खेलने का अनु‌भव मिला। इसका फायदा बांग्लादेश के खिलाफ पहले पिंक बॉल टेस्ट में भी मिला। भारतीय टीम तीसरे दिन ही पारी और 46 रन से मैच जीत गई।